Botanical name:- Alstonia scholaris Family name:- Apocynaceae
Classical Categorization:
Charak :-कुष्ठहन,उर्दरप्रशमन,कषायस्कंद,तिक्तस्कंद
Shusrut :– आरग्वादि,लाक्षादि गण
Vaghbhat :– आरग्वधादि गण
Bhavparkash :– वटादि वर्ग
Dhanvantri :– चंदनादि वर्ग
Raj :- चंदनादि वर्ग
Chandu :- आरग्वधादि वर्ग
Kaidev :- औषधि वर्ग
Madanpal :- वटादि वर्ग
Comparative review name:-
| Name | भाव प्रकाश | Dhanvantri | मदनपाल | राज | कैदेव | चंदु |
| सप्तपर्ण | * | * | * | * | * | * |
| विशालत्वक | * | |||||
| शारद | * | * | ||||
| विषमच्छद | * | |||||
| शुक्तिपर्ण | * | * | ||||
| सप्तच्छद | * | * | * | |||
| गूढपुष्प | * | |||||
| अयुग्मपर्ण | * | * | * | * | ||
| मुनिच्छद | * | |||||
| बृहत्वक् | * | * | * | |||
| बहुपर्ण | * | |||||
| मदगंध | * | |||||
| गन्धिपर्ण | * | |||||
| सप्ताह्व | * | * | ||||
| सप्तपत्र | * | |||||
| बहुच्छद | * | |||||
| शुक्तिपत्र | * | |||||
| त्रिपर्ण | * | |||||
| बहुच्छेद | * | |||||
| छत्री | * | * | ||||
| पर्णी | * | |||||
| स्थूलपत्र | * |
Vernacular names:
Hindi: छितवन, सतोना, ।
Bengali: छातिम।
Punjabi: सतोना ।
Gujrati: सातवन
English: Devil’s Tree

बाह्य स्वरूप:
स्वरूप- Tree 40- 50 feet in height and 5 feet thick.
त्वक् –thick, yellow from inside and white from outside when it is cut white milk substance secreted.
पत्र – 7 in number ऊपरी पृष्ठ स्निग्ध हरित और निम्न पृष्ठ शवेताभ होता है।
बीज- छोटे श्वेतवर्ण दोनों किनारे पर रुई लगी होती है।
फलियां- 1 -2 फुट लंबी , कुछ टेढ़ी और चपटी ।
- शरद ऋतू में पुष्प तथा शीतकाल में फल लगते हैं।
Habitat:
बंगाल तथा दक्षिण भारत, हिमालय प्रदेश में।
Chemical constituents:
Ditamine, echitamine, echitanine, echitin, echiterin.

रस पंचक:
रस- तिक्त , कषाय।
गुण- लघु, स्निग्ध।
वीर्य- उष्ण
विपाक- कटु
कर्म- कफ-पित्तशामक ।
Comparative review Gunn:-
| Gunn | भाव प्रकाश | Dhanvantri | मदनपाल | राज | कैदेव | चंदु |
| कषाय | * | * | ||||
| स्निग्ध | * | |||||
| उष्ण | * | * | * | |||
| कफवातशामक | * | * | ||||
| तिक्त | * | |||||
| तिक्त कषाय | * | |||||
| वातशामक | * | |||||
| Tridosh shamak | * | * |
Uses:
- इसका प्रयोग कफपित्तज रोगों में होता है।
- कुष्ठ तथा जीर्णवर्णो में छाल का लेप करते है ।
- कास श्वास में लाभकर। प्रमेह में उपयोगी है।
- अग्निमांद्यः, प्रवाहिका, शूल, गुल्म कृमि में छाल का प्रयोग करते हैं।
Comparative review Karm:-
| Karm | भाव प्रकाश | Dhanvantri | मदनपाल | राज | कैदेव | चंदु |
| अग्निदीपक | * | * | * | * | ||
| सारक | * | * | * | * | ||
| व्रण | * | * | * | * | * | |
| कुष्ठ | * | * | * | * | * | |
| रक्तविकार | * | * | * | |||
| कृमि | * | * | * | * | ||
| श्वास | * | * | ||||
| गुल्म | * | * | * | |||
| हद्य | * | * | ||||
| सुग्धिक | * | |||||
| शूल | * | |||||
| ज्वर | * | * | ||||
| रक्तशोधक | * |
Part used-त्वक् Dose-क्वाथ (40-80ml)
Formulations:
सप्तछदादि क्वाथ, सप्तच्छदादि तैल, सप्तपर्णसत्वादि व टी।
After reading this post read Vacha.

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