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Stree evam Prastuti Tantra Tricks

Yonivyapad Roga | योनिव्यापद रोग : Table with Mnemonics

Trick to learn Yonivyapad according to Charak:- अर्चणा को दोषों से दूर, महान कर्ण के समान पुत्र के लिए उधर वाम दिशा में रहने वाले रक्त षंड से दोनों प्रकार की (अत:, सूची मुख) लुता को अति शुष्क असृजा चराना है। अर्चणा – अचरणा दोषों – वातकी, पेत्तकी, कफजा, सन्निपात महान – महा योनि कर्ण […]

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Astang Hridya Shalakya Tantra Tricks

Kapalgata Roga | कपालगत रोग : With trick to learn

आचार्य वाग्भट ने कपालगत रोग (Kapalgata Roga) का वर्णन किया है। Mnemonic:- DK’s VIP PAAV D – दारुणक K – खलित V – उपशीर्षक I – इंद्रलुप्त P – पलित P – पिटिका A – अर्बुद A – अरुषिका V – विद्रधि Quick Revision of Kapalgata roga:- उपशीर्षक गर्भ में वायु प्रकुपित होकर, कपाल के […]

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Astang Hridya Shalakya Tantra Sushrut Samhita Tricks

Shiroroga | शिरोरोग : With Trick to Learn

आचार्य सुश्रुत ने 11 प्रकार के शिरोरोग (Shiroroga) का वर्णन किया है। Mnemonic:- सूर्य द्वारा दोषों के क्षय से आधे भाग में शंख समान अनंत कृमि उत्पन्न हुए। सूर्य – सूर्यावर्त्त रोग दोषों – (5) वात, पित्त, कफ, रक्तज, त्रिदोषज शिरोरोग क्षय – क्षयज शिरो रोग आधे – अर्धावभेदक शंख – शंखक अनंत – अनंतवात […]

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Shalakya Tantra Sushrut Samhita Tricks

Drishtigata Roga | दृष्टिगत रोग -With easy trick to learn

Acharya Sushruta mentioned 12 disorders of Drishtigata (vision and lens) Roga, Main cause being is Abhishyanda. Which are as follows:- Trick to learn Drishtigata Roga :- दूरदर्शी नकुल की ह्रस्व व गंभीर दृष्टि थी। दूरदर्शी – धूमदर्शी नकुल – नकुलांध्य ह्रस्व – हस्वजाडय गंभीर – गंभारीका दृष्टि – पित्त व कफ विद्ध दृष्टि (2) 6 […]

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Shalakya Tantra Sushrut Samhita Tricks

Krishnagata Roga (कृष्णगत रोग) with Trick to Learn

Krishnagata refers to black portion/ brown region in eye (cornea), Acharya Sushruta mentioned 4 types of disorders along with their management. Trick to learn krishnagata roga :- कृष्ण अजा की अक्षि पर व्रण हुआ। अजा – अजकाजात अक्षि – अक्षिपाकात्यय व्रण – सव्रण, अव्रण शुक्र Quick Revision:- सव्रण शुक्र (क्षत शुक्र) गहराई मे सुई से […]

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Shuklagata Rog (शुक्ल गत रोग) with Trick to Learn

Shuklagata refers to diseases of white portion of eye ( sclera). अर्जुन बल से जाल में शक्ति ( अर्म ) पकड रहा था‌‌ ।‌‌ अर्जुन – अर्जुन बलसे – बलासग्रंथित जाल – सिराजाल शुक्ति – शुक्तिका अर्म – 5 प्रकार के अर्म (प्रस्तारी, अधिमासज, स्नायु, शुक्ल, क्षतज) पकड – सिरा पिडिका व पिष्टक Join BJP […]

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Shalakya Tantra Sushrut Samhita Syllabus Tricks

Vatarmgata Rog ( वतर्मगत रोग ) with Trick to Learn

Acharya Sushruta mentioned 21 Vatarmgata roga ( disorders of eye lids ) in his samhita along with their symptoms and management. Trick to learn Vatarmgata Roga:- श्याम संग बहल लगण में पं प्रक्लिन्न ने पोथी से अंज्जन विष से अर्श मे चोट करना बताया। कुंभ ने निमेष को शर्करा बंधन लगाया जिससे पक्ष के अर्बुद […]

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Shalakya Tantra Sushrut Samhita Tricks

Sandhigata Rog with Trick to learn

Total of 9 Sandhigata ( disease based on joints ) are mentioned by Acharya Sushruta. Trick to learn Sandhigata Rog:- Dr. Anajali ने प्रवीण की ग्रंथि से पूय स्त्राव देखा तो उपनाह लगाया। Dr. Anjali – अलजी प्रवीण – पर्वणिका ग्रंथि – कृमिग्रंथि पूय – पूयलास स्त्राव – 4 प्रकार के स्त्राव पूयस्त्राव रक्त स्त्राव […]

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Dravya Guna Tricks

Aamyik Prayog | आमयिक प्रयोग – Made Easy Detailed Plants

We would firstly suggest you to go and learn Ras Panchak as this Aamyik Prayog trick and conclusion is completely based upon Ras Panchak ( Click here or on Ras Panchak to go to the post. ) So let’s start with Aamyik Prayog :- M – Series :- Ras Panchak Aamyik Prayog MLUM रसायन, वृष्य, […]

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Ras Shastra Tricks Yog ( Formulations )

Praval Panchamrit Ras ( प्रवालपञ्चामृत रस ) with Trick to Learn

प्रवालमुक्ताफलशंखशुक्ति कपर्दिकानां च समांशभागम् ।प्रवालमात्र द्विगुणं प्रयोज्यं सर्वैः समांशं रविद्ग्धमेय।।एकीकृतं तत्खलु भाण्डमध्ये क्षिप्त्या मुखे बन्धनमत्र योज्यम्। पुटं विदध्यादतिशीतले च उद्धृत्य तद्भस्म क्षिपेत्करण्डे।। नित्यं द्विवारं प्रतिपाकयुक्तं वल्लप्रमाणं हि नरेण सेव्यम्।आनाहगुल्मोदर प्लीहकासश्वासाग्निमान्द्यान्कफमारुत्तोत्थान्।।अजीर्णमुद्गार हृदामयध्नं ग्रहण्यतीसार विकारनाशनम्।मेहामयं मूत्ररोगं मूत्रकृच्छू तथाश्मरीम्।। नाशयेन्नात्र सन्देहः सत्यं गुरुवाचो यथा।पथ्याश्रितं भोजनमादरेण समाचरेन्निर्मलचित्तवृत्त्या।। प्रवालपञ्चामृतनामधेयो योगोत्तमः सर्वगदापहारी।। (भै. र. गुल्म 32/116-120) घटक द्रव्य :- प्रवाल भस्म […]