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Astang Hridya

Shalay ( शल्य ) Astang Hridya Sutra chapter -28

जो सम्पूर्ण शरीर तथा मन को पीड़ित करता है, उसे शल्य (Shalay) हैं। आशुगमनार्थक ‘शल् धातु’ से यत् प्रत्यय जोड़कर शल्य शब्द निष्पन्न होता है। इस अध्याय में लोह आदि शल्य के लक्षणों तथा उनको निकालने के उपायों का वर्णन किया जायेगा। वक्रर्जुतिर्यगूध्ध्वाधः शल्यानां पञ्चधा गतिः। शल्य (Shalay) की गतियां = शरीरावयवों में प्रविष्ट होते […]

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Ras Shastra Yog ( Formulations )

Agnikumar Ras / अग्निकुमार रस : Medicine

AFTER READING AGNIKUMAR RAS, READ SWASKUTHAR RAS. रसेन्द्रगन्यं सहटङ्कणेन समं विषं योज्यमिदं त्रिभागम्।कपर्दिशकावपि च त्रिभागौ मरीचचूर्णाष्टगुणं विदध्यात्॥सुपक्वजम्बीररसन घृष्टः शुद्धो भवेदग्निकुमार एषः।विषूचिकारोचकसन्निपाते देयं द्धिगुझं यदिवाप्यजीर्णे॥श्रीपर्णखण्डेन यथाबल च शीतं जलं चानु पिबेत्परन्तु॥ Ingredients :- पारद ( 1 भाग ) गंधक ( 1 भाग ) टंकण भस्म ( 1 भाग ) वत्सनाभ ( 3 भाग ) कपर्द भस्म […]

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Mhedagrikumar Ras ( महदग्रिकुमार रस ) : Medicine

रसं विषं चाभ्रगन्धं तालकं हिंगुलं विषम् शुल्बभस्मसमं तुल्यं मर्दितं भृङ्गवारिणा।।काचकुप्यां विनिक्षिप्य मृत्तिका लेपयेद्वहिः। वालुकायन्त्रके पाच्यं दिनैकं मन्द वन्हिना ॥साङ्गशीतलमुद्धृत्य दातव्यं चणमात्रकम्। अनुपानविशेषेण चातुर्थिकज्वरं हरेत्॥सन्निपातं निहन्त्याशु सर्वज्वरहरं परम्। महदग्निकुमारोऽय सर्वव्याधि विदारण ॥ Ingredients :- पारद, वत्सनाभ, अभ्रक, गंधक, हरताल, हिंगुल, ताम्र सभी द्रव्य एक समान मात्रा में। Bhawana Dravya :- भृंग राज स्वरस Vidhi :- मिश्रण […]

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Tryahikari Ras( त्र्याहिकारी रस ) : Medicine

रसकेन समं शंख शिखिग्रीवं च पादिकम्। गोजिह्वया जयन्त्या च तुण्डुलीयैश्च भावयेत्॥प्रत्येकं सप्तसप्ताथ शुष्कं गुञ्जाचतुष्टयम्। जरणेन घृतेनाद्यात्त्र्याहिकज्वरशान्तये॥ Ingredients :- रसक, शंख ( दोनों की समान मात्रा ) Bhawna Dravaya :- शिखि ग्रीव, पादिक, गोजिह्वा, तंदुलिया प्रत्येक की 7-7 भावना देते है Vidhi :- भावना देने के बाद में औषधि को सुखाकर चूर्ण करले Dossage :- 4 […]

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Maha Jwarankush Ras ( महा ज्वरांकुश रस ) : Medicine

पारदं गन्धकं तानं हिंगुलं तालमेव च| लौहं व माक्षिकं च खर्परं च मनश्शिला॥मृताभ्रकं गैरिकं च टङ्कणं दन्तिबीजकम्। सर्वाण्येतानि तुल्यानि चूर्णयित्वा विभावयेत्॥जम्बीरतुलसीचित्रविजयातिंतिडीरसैः। एभिर्दिनत्रयं रौद्रे निर्जने खल्बगहवरे ।।चणमात्रां वटीं कृत्वा छायाशुष्कां च कारयेत्। महाग्निजननी चैषा सर्वज्वरविनाशिनी।।एकजं द्वन्द्वजं चैव चिरकालसमुद्भवम्। ऐकाहिक द्व्याहिकं च तथा त्रिदिवसज्वरम्।।चातुर्थिकं तथात्युग्रं जलदोषसमुद्भवम्। सर्वान्ज्वरान्निहन्त्याशु भास्करस्तिमिरं यथा॥नातः परं किञ्चिदस्ति ज्वरनाशनभेषजम्। महाज्वरांकुशो नाम रसोऽयं मुनिभाषितः॥ Ingredients […]

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Pratapmartand Ras ( प्रतापमार्तण्ड रस ) : Medicine

रसहिंगुलनेपालं पृथ्वीदन्त्यम्बुमर्दितम्। दिनार्धेन ज्चरं हन्याद्गुडेन सितया सह ॥चतुर्वल्लमिदं खादेत्सर्वज्वरप्रशान्तये। Ingredients :- रस ( पारद ), हिंगुल, नेपाल ( मन: शिला ), पृथ्वी व दंती सभी सम भाग में लेले। Bhawna Dravya :- अंबू ( जल ) अथवा दंती स्वरस या क्वाथ Yantra :- खलव Vidhi :- आधा दिन (4 घंटे ) सभी द्रवयो को मर्दन […]

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Jwarankush Ras ज्वरांकुश रस : Medicine, its Usage and Dose

Logic behind naming :- सब प्रकार के ज्वर पर अंकुश ( दमन या नाश ) करता है इसलिए इसे ज्वर अंकुश कहा जाता है। सूतं गन्धं विषं तुल्यं धूर्तबीजं त्रिभिः समम्। चतुर्णा द्विगुणं व्योषं चूर्णयेद्दिनमात्रकम्॥जम्बीरस्य रसैर्मर्धमाकस्य द्रवेन च। गुञ्जाद्वयं प्रदातव्यं वातज्वरहरं परम्॥इदं ज्वरांकुशं नाम्ना सर्वज्वरविनाशनम्। ऐकाहिकं व्याहिकं च व्याहिकं वा चतुर्थकम्।विषमं वा त्रिदोष वा हन्ति […]

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Author Special

Clinically commonly used medicines in Ayurveda

1. प्रवाल पिष्टी – best for calcium increment in human body मात्रा और अनुपान-125-1000mg घी और मख्खन के साथ 2. हरश्रृंगार के फूल एवम् पत्ते – घुटनों में दर्द के लिए उत्तम उपयोग विधी- गरम पानी में उबाल कर सेक करे 3. अविपत्तिकर चूर्ण- Used for acidity मात्रा और अनुपान- 12gm with cold water/ coconut […]

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Dravya Guna

Phal vargha ( फलवर्गः )

तष्णादाहज्वरश्वासरक्तपित्तक्षतक्षयान्। वातपित्तमुदावर्त स्वरभेदं मदात्ययम् ।। १२५ ।।तिक्तास्यतामास्यशोषं कासं चाशु व्यपोहति। मट्टीका वाणी वृष्या मधुरा स्निग्ध शीतला || फल रस/गुण/कर्म 1.मुनक्का प्यास, दाह, ज्वर, श्वास, रक्तपित्त, उर क्षत, राजयक्ष्मा, वातविकार, पित्तविकार, दावत, स्वरभेद, मदात्यय, मुख का तीता होना, मुख का सूखना और खाँसी को शीघ्र दूर करता है।बबण, वीर्यवर्धक, रस में मधुर, स्निग्ध और शीतवीर्य होता […]

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Mahapashuptastraya Ras ( महापाशुपतास्त्र रस ) : Medicine

द्विभागं श्वेतपाषाणं रसं नेपालम्लेच्छकम्। प्रत्येकमेकभागं तु खल्वमध्ये विनिक्षिपेत्॥कृष्णभनरतोयेन मर्दितं याममात्रकम्। मुद्गप्रमाणमात्रेण त्वार्द्रकं चानुपानकम्॥ऐकाहिकं व्याहिकं च त्र्याहिकं नाशयेज्ज्वरम्। Ingredients :- श्वेत पाषाण ( 2 भाग ), पारद ( 1 भाग ) , मन: शिला ( 1 भाग ), ताम्र ( 1 भाग) Bhawna Dravya :- कृष्ण धतुर स्वरस Yantra :- तप्त खलव Dosage :- 1 गोली […]