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Ras Shastra Syllabus

Rasak ( रसक ) : Zinc Ore – Maha ras

रसक (Rasak) के नाम:- हिंदी खपरिया संस्कृत रसक English Zinc ore or Calamine Chemical formula:- Zn Co3 पर्याय :- रसक, रीतिकृत, ताम्ररंजक, नेत्ररोगरि, खर्पर। Types:- On the basis of रसार्णव:- मृतिकाकार गुडाभ पाषाणाभ On the basis of रसरत्नसमुच्चय:- दर्दुर : दलयुक्त करवेल्लक : दल रहित उपयोग :- यशद धातु प्राप्ति क लिए औषधि रूप में […]

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Ras Shastra Syllabus

Chapal ( चपल ) : Bismuth Ore – Maharas

चपल (Chapal) के नाम :- संस्कृत चपल: हिंदी चपल English Bismuth ore काठिन्य :- 2 – 2.5 विशिष्ट गुरुत्व :- 9.7 घनत्व :- 7.8 उत्पति :– पौराणिक मान्यता के अनुसार चपल (Chapal) ईश्वर के नासारंध्र का मल है। माक्षिक की खानों से इसकी प्राप्ति होती है। जहां पर नाग वंग उतपन्न होता है, वहां पर […]

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Sasyak ( सस्यक ) : Copper Sulphate – Maharas

सस्यक (Sasyak) के नाम:- संस्कृत सस्यक हिंदी तूतिया (तुत्थ) English Copper sulphate Chemical formula:- Cu So4 .7 H2 O पर्याय :- तुत्थ, ताम्रगर्भ, शिखिग्रीव, अमृतासंग, तुत्थक। उत्पत्ति :- गरुड़ ने पहले अमृत को पीने के बाद विष का भी पान किया, जिससे मरकत (नीलगिरि) पर्वत पर अमृत्युक्त विष का वमन कर दिया, कुछ समय के […]

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Yog ( Formulations )

Bhringaraja Tail ( भृंगराज तैल ) – Medicine

AFTER READING BHRINGARAJA TAIL, READ KUMKUMADI TAIL. नीलीमूलकषाये तु बीजं खदिरसारजम्। नीलीमूलाञ्जनं कल्कं यष्टी मधुकमेव च॥ मार्कवस्वरसप्रस्थं तैलप्रस्थं विपाचयेत्। अनेन लिप्ता: केशा: स्युः मृदवः षट्पदैः समाः ॥ इन्द्रलुप्तहरं चैव पालित्यं चैव नाशयेत्। तैलं रहस्यं परमं वलीपलितनाशनम् (पून्यादीय बृहतीफलसंयुक्तं गुञ्जामूलफलं तथा तल्लेपे नश्यति क्षिप्रमिन्द्रलुप्तमनेकधा॥ Ingredients :- भृंगराज मूल, खदिर सारज बीज, भृंगराज अञ्ज्जन, मुलेठी। Drav Dravaya […]

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Yog ( Formulations )

Manjisthadi Tail (मञ्जिष्ठादि तैल ) : Medicine

AFTER READING MANJISTHADI TAIL, READ KUMKUMADI TAIL. मञ्जिष्ठा मधुकं लाक्षा मातुलुङ्गश्च यष्टिका। कर्षप्रमाणैरेतैस्तु तैलस्य कुडवं तथा।।आज पयस्तु द्विगुणं शनैर्मद्ग्निना पचेत्। नीलिकापिटिकाव्यङ्गानभ्यङ्गादेव नाशयेत्॥ मुखं प्रसादोपचितं वलीपलितवर्जितम्। सप्तरात्रप्रयोगेण भवेत्कनकसन्निभम्।। Ingredients :- मांजिष्ठा, मुलेठी, मातुलुङ्ग, यष्टिका (प्रत्येक द्रव्य एक कलक) द्रव द्रव्य :- तिल का तैल ( 1 कुडव ), बकरी का दूध 2 कुडव Vidhi :- उपयुक्त […]

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Yog ( Formulations )

Bheem Rudra Ras (भीमरुद्र रस ) : Medicine

AFTER READING BHEEM RUDRA RAS, READ PRABHAVATI VATIKA. मृतं स्वर्ण शुद्धसूतं शुद्धं वै हेममाक्षिकम्। त्रयाणां गन्धकं तुल्यं मधु कन्याद्रवैर्दिनम्। तच्छुष्कं ससितक्षौद्रं माषैकं लेहयेत्सदा। बह्निमूलं शृतं क्षीरैरनुस्थाद्रनाशनम्॥ Ingredients :- मृत स्वर्ण (1 भाग) , शुद्ध पारद (1 भाग), शुद्ध स्वर्ण माक्षिक (1 भाग), गंधक शुद्ध (3 भाग) Bhawna Dravya :- घृत कुमारी स्वरस Vidhi :- पारद […]

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Yog ( Formulations )

Prabhavati vatika (प्रभावती वटिका) – Medicine

AFTER READING PRABHAVATI VATIKA, READ BHEEM RUDRA RAS. हरिद्रा निम्बपत्राणि पिप्पली मरिचानि च। विडङ्ग भद्रमुस्ता च जीरकं विश्वभेषजम्॥ चित्रकं सैन्धवं कुष्ठं विषं पाठा हरीतकी। एतानि समभागानि ह्यजामूत्रेण पेषयेत्॥ चणप्रमाणवटिकाश्छायाशुष्काश्चकारयेत्। एकामुष्णोदकैः पीत्वा विषूची च व्यपोहति॥ लूतविस्फोटभेदं च गोमूत्रेण विलेपयेत्। अष्टौ तक्रेण सेवेत सर्पदष्ठविषं हरेत्॥ महारक्तप्रवाहे तु श्रीगन्धेन समं पिबेत्। अर्कक्षीरयुतं लेप्यं वृश्चिकादिविषं हरेत्॥ हन्ति पुष्पं च […]

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Stree evam Prastuti Tantra

Mod Garbh / मूढ़ गर्भ : Malpresentation and retention of the fetus

AFTER READING MOD GARBH, READ POLYCYSTIC OVARIAN SYNDROME. मूढ़ के पर्याय :- मोहित, व्याकुल, भ्रान्त, विचलित, जड़ी भूत आदि। • गर्भ जब अपनी स्वाभाविक स्थिति, स्वाभाविक गति व स्वाभाविक अवस्था को त्यागकर सर्वथा विपरीत भावों को ग्रहण कर उद्विग्न व्याकुल का जड़ीभूत हो जाता है। • उसका स्वाभाविक प्रसव संशयात्मक हो जाता है व जटिल […]

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Sharir Rachna

Nadi Vigyan ( नाड़ी विज्ञान ) : Tantra Sharir

AFTER READING NADI VIGYAN, READ NADI PARIKSHA. पर्याय :- हिंस्त्रा स्रायुर्वसा नाडी धमनी धामनी धरा। तन्तुकी जीवितज्ञा च शिरा पर्यायवाचकाः॥ स्नायु, हिंस्त्रा, धमनी, धारिणी, धरा, तंतुकी, जीवनज्ञाना, नाङी। नाड़ी के भेद :- तत्र कायनाडी त्रिविधा। एका युवा, अन्या मूत्र विड- स्थिर स वाहिनी, अपरा आहार वाहिनी इति ॥ नाड़ी 3 प्रकार की होती है :- […]

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Ras Shastra Syllabus

Vimal ( विमल ) : Iron Pyrite – Maha Ras

विमल (Vimal) के नाम :- हिंदी विमल संस्कृत विमल English Iron pyrite Chemical Formula= Fe2 S3 काठिन्य (Hardness)= 6 – 6.5 विशिष्ट गुरुत्व= 5 – 5.2 प्राप्ति स्थान (Habitat):- आसाम, मद्रास, उड़ीसा, बंगाल, झारखण्ड तथा तापी नदी के समीप के पर्वतों से प्राप्त होता है। Types :- हेम विमल पीतवर्ण का हेमक्रिया हेतु श्रेष्ठतम रौप्य […]